Minal Aggarwal
Tragedy
दिल भारी हो
जाता है
जिन लोगों का नाम
याद आते ही
उनसे कभी मिल
कैसे पायेंगे
मिलते ही
मार खाते ही उनसे
क्या फिर जिन्दा
रह पायेंगे
अपने घर लौटकर
आ पायेंगे
अपनी ही शक्ल
कभी सूनी दीवार पर
खाली टंगे आईने में
देख पायेंगे।
एक मधुर तरंग ...
आकाश की काली ...
एक सफेद उज्जव...
एक अमृत के ना...
एक बैंगनी रंग...
एक गुलाब सी ग...
ऐ सूर्य तुम स...
एक बड़े हरे प...
कंचई नीले रंग...
लाल फूलों से ...
आओ आज से हम सब मिलकर करें प्रण, हम देंगे रिश्वत और ना ही लेंगे हम रिश्वत। आओ आज से हम सब मिलकर करें प्रण, हम देंगे रिश्वत और ना ही लेंगे हम रिश्वत।
चलो फिर से जिंदगी जीते है सखी चुपचाप सी हो गई चलो फिर से जिंदगी जीते है सखी चुपचाप सी हो गई
थोड़ी सी ख़ामोशी मुझे है स्वीकार ... अतिशयोक्ति में डूबा हुआ नहीं चाहिए प्यार ! थोड़ी सी ख़ामोशी मुझे है स्वीकार ... अतिशयोक्ति में डूबा हुआ नहीं चाहिए प्यार !
हे बजरंगबली,तुझमे ही खुद को पाऊं बाकी इस खूनी जग में,लहूं के आंसू ही पाऊं। हे बजरंगबली,तुझमे ही खुद को पाऊं बाकी इस खूनी जग में,लहूं के आंसू ही पाऊं।
अपनी पल दो पल की खुशी के लिए दांव पर लगाते हैं लोग। अपनी पल दो पल की खुशी के लिए दांव पर लगाते हैं लोग।
हाथ पैर चलते ही भगवान दोनों को संसार से एक साथ उठाले। हाथ पैर चलते ही भगवान दोनों को संसार से एक साथ उठाले।
जब करे बेटा पैदा तो, तभी उस घर में उसकी शान होती है। जब करे बेटा पैदा तो, तभी उस घर में उसकी शान होती है।
प्यार तेरा मांगा सनम, खुशियाँ पाने को गम तूने दिए मुझे, तुझे भूल जाने को प्यार तेरा। प्यार तेरा मांगा सनम, खुशियाँ पाने को गम तूने दिए मुझे, तुझे भूल जाने को ...
झरोखों से सुनहरी किरणें दामन को भर दे तो कोई बात बने। झरोखों से सुनहरी किरणें दामन को भर दे तो कोई बात बने।
छलिया को सजा सुनाने वाले की कमी रही राम के युग में भी स्त्री के साथ बदी हुई छलिया को सजा सुनाने वाले की कमी रही राम के युग में भी स्त्री के साथ बदी हुई
बिखर जाती हैं हर बार, जब जब लिखी जाती हैं ये कहानी। बिखर जाती हैं हर बार, जब जब लिखी जाती हैं ये कहानी।
खुदाई है खफा हमसे गुनाह ए इश्क हुआ हमसे। खुदाई है खफा हमसे गुनाह ए इश्क हुआ हमसे।
स्वर्ग यहाँ नर्क यहाँ इसके सिवा जाना कहाँ जीना यहाँ मरना यहाँ। स्वर्ग यहाँ नर्क यहाँ इसके सिवा जाना कहाँ जीना यहाँ मरना यहाँ।
तुम कहाँ खो गये ये नहीं है पता, पर मेरे यादों मे हो भूल नहीं सकता. तुम कहाँ खो गये ये नहीं है पता, पर मेरे यादों मे हो भूल नहीं सकता.
तपन उनके बदन की मेरी रूह झुलसाती है करवटों में उनके सिरहाने मेरी रात गुज़र जाती है तपन उनके बदन की मेरी रूह झुलसाती है करवटों में उनके सिरहाने मेरी रात गुज़र जा...
पर, कैसे बचा पाओगे मुझे यहां जहां कानून ही कानून को तोड़ता है पर, कैसे बचा पाओगे मुझे यहां जहां कानून ही कानून को तोड़ता है
सोच समझ जो चले गृहस्थी, कमी न कुछ उसको रहती।। सोच समझ जो चले गृहस्थी, कमी न कुछ उसको रहती।।
यारों रब से दुआ करो मैं जल्दी मर जाऊँ मैं जल्दी मर जाऊँ मैं जल्दी मर जाऊँ यारों रब से दुआ करो मैं जल्दी मर जाऊँ मैं जल्दी मर जाऊँ मैं जल्दी मर जाऊँ
वो पल, वो बीता तन्हाई में आपका आगोश ना जीने देता है ना मरने के लिए छोड़ ता है। वो पल, वो बीता तन्हाई में आपका आगोश ना जीने देता है ना मरने के लिए छोड़ ता ह...
पर फिर भी तू ना आया फिर भी तू ना आया ....। पर फिर भी तू ना आया फिर भी तू ना आया ....।