दिल भारी हो जाता है
दिल भारी हो जाता है
दिल भारी हो
जाता है
जिन लोगों का नाम
याद आते ही
उनसे कभी मिल
कैसे पायेंगे
मिलते ही
मार खाते ही उनसे
क्या फिर जिन्दा
रह पायेंगे
अपने घर लौटकर
आ पायेंगे
अपनी ही शक्ल
कभी सूनी दीवार पर
खाली टंगे आईने में
देख पायेंगे।
