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Minal Aggarwal

Tragedy

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Minal Aggarwal

Tragedy

दिल भारी हो जाता है

दिल भारी हो जाता है

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दिल भारी हो

जाता है

जिन लोगों का नाम

याद आते ही

उनसे कभी मिल

कैसे पायेंगे


मिलते ही

मार खाते ही उनसे

क्या फिर जिन्दा

रह पायेंगे

अपने घर लौटकर

आ पायेंगे


अपनी ही शक्ल

कभी सूनी दीवार पर

खाली टंगे आईने में

देख पायेंगे।


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