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vartika agrawal

Inspirational

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vartika agrawal

Inspirational

दीपक

दीपक

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उजड़े मन-उपवन में प्यारे ,आशा का शुचि दीपक धरना ।

सूरज जैसा ही दमको तुम ,आलोकित इस जग को करना ।।


मत रोना तुम निज नैनों से ,भास्कर जैसे जलते रहना ।

जीवन देना हर जीवन को ,अंगारे हर पथ के सहना ।।

दिनकर से ही दिन है जग में ,जानो कण-कण में लौ भरना।

सूरज जैसा ही दमको तुम ,आलोकित इस जग को करना ।।


तरुवर ,पल्लव ,सरिता ,धरती ,रवि से ही सुंदरता पाए।

पंछी का कलरव भी रवि से ,नभ- मंडल हर्षित हो छाए।

दीपक बनकर जगमग करना,अंधेरे को प्रिय तुम हरना ।

सूरज जैसा ही दमको तुम ,आलोकित इस जग को करना ।।


उजियाला हर मन में लाना ,शुचि दीपक हो हर उर-द्वारे ।

मंजिल अपनी साधो प्यारे, दुनिया तुम पर निज उर वारे।।

जीवन के अर्थों को देकर ,ही जग-माया से तुम तरना।

सूरज जैसा ही दमको तुम ,आलोकित इस जग को करना।


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