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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

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Dheeraj kumar shukla darsh

Tragedy

धोखा

धोखा

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बड़ा मजा आता है आज

रिश्तों का मजाक उड़ाने में

पहले अपना बनाने में

फिर उसे नीचा दिखाने में,

गलत है हर शख्स यहाँ

जो रिश्ते दिल से निभाते हैं

रिश्ते निभाने वाले नहीं

यहाँ मजाक बनाने वाले ही

अब पसंद लोगों को आतें हैं,

भूल जाते हैं सब कैसे

निस्वार्थ भाव के रिश्तों को

धन से अमीर बनने को

सब लालायित रहते हैं,

मन से अमीर बनने में

पसीने यहाँ निकलते हैं

सच्चे मन से जो तुम

रिश्ते यहाँ बनाओगे,

पहले अपने बनाये जाओगे

फिर नजरों में गिराये जाओगे!


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