STORYMIRROR

Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

3  

Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

जन्नत

जन्नत

1 min
163

जन्नतों को यहाँ सब खोजा करे

जननी के चरणों में जो मिले

जन्मभूमि से प्यार जो भी करे

जननी, जन्मभूमि से लग के गले

है स्वर्ग यहीं जन्नत भी यहाँ

दोनों में समाया है सारा जहाँ

जन्नत की परिभाषा है यही

जननी, जन्मभूमि से जन्नत बनी



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational