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Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

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Dheeraj kumar shukla darsh

Inspirational

जन्नत

जन्नत

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जन्नतों को यहाँ सब खोजा करे

जननी के चरणों में जो मिले

जन्मभूमि से प्यार जो भी करे

जननी, जन्मभूमि से लग के गले

है स्वर्ग यहीं जन्नत भी यहाँ

दोनों में समाया है सारा जहाँ

जन्नत की परिभाषा है यही

जननी, जन्मभूमि से जन्नत बनी।



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