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Dheeraj kumar shukla darsh

Romance

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Dheeraj kumar shukla darsh

Romance

दूरी

दूरी

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सही नहीं जाये मुझसे, तेरी मेरी दूरी है

जब तक मिलूँ ना तुझ से, धड़कन अधूरी है

मोती सजे चाहत के, प्यार की माला पूरी है

सही नहीं जाये मुझसे, तेरी मेरी दूरी है

लगती चाहतें अधूरी, होती नहीं पूरी है

धड़कता है दिल मेरा, सांसें तुझसे पूरी है

मेरी आँखों में बसी है, सुरत वो तेरी है

सही नहीं जाये मुझसे, तेरी मेरी दूरी है

तेरी यादें सजी है, दिल के हर कोने में

कैसे बताऊँ तुमको, तुम धड़कती सीने में

हवायें जो छूकर गुजरे, महसूस होती है

सही नहीं जाये मुझसे, तेरी मेरी दूरी है

मैं दीवाना हो गया हूँ, लग रहा है अब मुझे

पागल कहे जमाना, प्यार में तेरे मुझे

तेरे दिल में है रहना, इतनी चाह मेरी है

सही नहीं जाये मुझसे, तेरी मेरी दूरी है



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