देश के वीर लाला
देश के वीर लाला
द्वेष की चिंगारी ने देश को ही फूंक डाला
एक हुए ना हम सब धर्म में सब ने सबको जाति में बांट डालाl
अपने वतन में नहीं था जब भेदभाव कोई गोरा हो या कालाl
अपमानित तो फिर क्यों हो जाते हैं मेरे देश की कोई बालाl
बादल भी मंडरा रहे हैं घनघोर हो रहे हैं बारिश भी आज फिर
मंडरा मंडरा कर कह रहे हैं देश के ठेकेदारों ने देश को क्यों फूंक डालाl
हो तनी कि यदि भावना आपने बलिदान की तो
आ जाओ सरहद पर और बाजी लगा दो जान कीl
सपना हमें साकार करना है और चर्चा भी करनी है
गली गली क्योंकि मातृभूमि मांगते हैं रक्त की श्रद्धांजलि
काल से काल गति पूछ रहे हैं शहीदों की चिताओं को क्यों हल्के में ही ले डालाl
इंच भर भ वीर जवानों की सेना में होती नहीं है भर्तीl
तो कैसे स्वीकार करें घरवले वह लहूलुहान लास जिस पर कहा जाता हैl
सरकार देगी उनको पैसा और खर्चा हम बता दे आपको
''बिकाऊ नहीं है वह मां और ना ही उसका लालाl
क्या किlसी सरकार के नेता ने भी भेजा है फौज में अपना लालाl
बेटा है साहब जैसे तुम ने पाला वैसे हम ने पाला l
बस देश इन्हीं से चलता है और इन्हीं का होना होना चाहिए बोलबालाl
अरे देश की चिंगारी होने देश को ही फूंक डालाl
जाती पाती नहीं देखेंगे धर्म के लिए मर मिटेंगे धर्म का ही चलेगा बोलबाला l
जाति धर्म हो कोई भी हिंदुस्तान में जन्मे है सबसे पहले हम हैं हिंदुस्तान वालेl
और ऊपर वाला भी है हिंदुस्तान वालाl।
