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Tanmay Mehra

Romance

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Tanmay Mehra

Romance

देखो मुझे मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ

देखो मुझे मैं आज भी वहीं खड़ा हूँ

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देखो मुझे मैं आज भी उसी राह पर खड़ा हूँ 

जहाँ से हमारी राहें विभाजित हुई थी

कुछ अधूरे सपने लिये

कुछ टूटे ख्वाब लिये

और कुछ अनगिनत सवाल लिये।


अब भी दिल सोचता है तो थोड़ा सहम जाता है

कि क्या प्यार कभी साथ नहीं रह सकता ?

क्या वो शख्स जिस से हम बेइन्तहा मुहब्बत करते हैं

वो दो कदम साथ नहीं चल सकता है ?


बिना कुछ सोचे समझे निस्वार्थ ही

बिना कुछ पाने की लालसा लिये

बस यूँ ही कदम से कदम मिला कर

कभी सूरज की किरणों के तले

तो कभी चाँद और चान्दनी की छाँव में।


ताकी ये प्यार इक दूजे की रूह से लिपटा रहे

क्या तुम ताऊम्र के लिये मेरे नहीं हो सकते

शायद नहीं बिलकुल भी नहीं

पर मैं तुम्हारा हमेशा रहूँगा।

 

इस जन्म में भी और आगे भी

माना तुम साथ नहीं होंगे 

पर तुम्हारी आवाज़ तुम्हारा चेहरा

तुम्हारा प्यार सब कुछ 

मैं सम्भाल कर रखूँगा हमेशा के लिये। 


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