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Imran Ali

Tragedy Fantasy Others

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Imran Ali

Tragedy Fantasy Others

डरावना ख्वाब

डरावना ख्वाब

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मुश्किल था मेरा खुद को सम्हालना, 

जब चुना तुमने, रास्ता अपना।

मुझे था बास एक तुम्हारी तमन्ना, 

जो छोड़ा था मैंने, हर एक सपना, 

पागल था में, जो तुम्हें समझा अपना। 

टूटा है दिल जो, अब मुझे है तड़पना।

हो चुका बहुत, लेकिन और अब ना, 

मान लिया अब से, था तुमसे जो राबता, 

मेरे जिंदगी का, एक ख्वाब डरावना। 


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