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Imran Ali

Tragedy

3  

Imran Ali

Tragedy

फिलिस्तीन

फिलिस्तीन

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फिलिस्तीन की हालत देख, 

जालिमों को खुदा हिदायत दे,

तु चुप क्यूँ है, होके इंसान, 

क्या यही इंसानियत है। 

ये खामोशी है कह रही, 

खामोशी तेरी जहीलियत है?

लेकिन तू भी याद रखना, 

कुछ दिन बाद क़यामत है। 

क़यामत ही हकीकत है। 


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