STORYMIRROR

Imran Ali

Tragedy

3  

Imran Ali

Tragedy

फिलिस्तीन

फिलिस्तीन

1 min
168

फिलिस्तीन की हालत देख, 

जालिमों को खुदा हिदायत दे,

तु चुप क्यूँ है, होके इंसान, 

क्या यही इंसानियत है। 

ये खामोशी है कह रही, 

खामोशी तेरी जहीलियत है?

लेकिन तू भी याद रखना, 

कुछ दिन बाद क़यामत है। 

क़यामत ही हकीकत है। 


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy