STORYMIRROR

Imran Ali

Tragedy

3  

Imran Ali

Tragedy

फिलिस्तीन

फिलिस्तीन

1 min
143

फिलिस्तीन की हालत देख, 

जालिमों को खुदा हिदायत दे,

तु चुप क्यूँ है, होके इंसान, 

क्या यही इंसानियत है। 

ये खामोशी है कह रही, 

खामोशी तेरी जहीलियत है?

लेकिन तू भी याद रखना, 

कुछ दिन बाद क़यामत है। 

क़यामत ही हकीकत है। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy