STORYMIRROR

Imran Ali

Tragedy Inspirational

3  

Imran Ali

Tragedy Inspirational

तलाश-ए-जिंदगी

तलाश-ए-जिंदगी

1 min
157


तन्हा आए हो, तन्हा जाना है,

किसी के लिए आहें ना भार,

रब हमेशा तुममें बस्ते है,

किसी और की फ़रियाद ना कर।

जो तेरा है, खुद चली आयेगी तेरे पास,

किसी और को मनाने मैं व्यक्त जाया ना कर।

मुश्किल है सच को मानना,

हाँ, मुश्किल है सच को मानना,

लेकिन झूठ के पीछे जिंदगी बर्बाद ना कर।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Tragedy