STORYMIRROR

Neerja Sharma

Tragedy

3  

Neerja Sharma

Tragedy

डर

डर

1 min
244

करोना काल

लाकडाऊन

मन का डर

दिन प्रतिदिन

बढ़ते कैसेस

नहीं पता कौन

पाजटिव है?

सब किस्सा

इम्यूनिटी का।

पता नहीं क्योंं

लोगों को डर नहीं?

बिना मास्क घूूूम रहे

हालात बिगड़ते

नजर आ रहे।

बहुत जरुरी है

अब संभल जाना

गर पानी सर से

ऊपर हो गया

वापसी मुश्किल

हो जाएगी

जीवन लीला

समाप्त हो जाएगी।

जागो इंंडिया जागो

वक्त रहते संभलो

समय नाजुक है

ध्यान से आगे बढ़ो

बिना जरूरत

बाहर न जाओ।

घर में रहकर

अपना व देश का

भला कर जाओ।




विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy