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Rekha Shukla

Drama

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Rekha Shukla

Drama

डाकिया

डाकिया

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शब्द ज्योति अखंड फोन डाकिया 

बिछड़ के तुमसे मिलना है 

मिट के फिर हमें बनना है

जलाते रहे हमसे हमें

तो ज्योत फिर भी बनना है 



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