चुटकी में भरा रंग कहां है?
चुटकी में भरा रंग कहां है?
चारों ओर है रंगों की फुहार,
मगर वो कहां है ?
वो हथेली पर रखा,
चुटकी में भरा ,
रंग कहां है ?
जब तक प्रियतम ना लगाए रंग,
तब तक रहे कोरे-कोरे,
सबसे छिपकर प्रतीक्षा करे,
वो प्रिये कहां है?
पहुंचे सारे रंग वहां तक,
छू के निकले उनको जो हवा ,
वो बयार कहां है ?
भेजे हैं सारे रंग,
प्रेम के नीर में भिगोकर,
पहुंचे उस सांवरिया के पास ,
वह जहां है।।
