STORYMIRROR

S D

Romance

4  

S D

Romance

चुन लिया

चुन लिया

1 min
14

"प्यार को हम नहीं चुनते

प्यार हमें चुनता है "

इस बात पे कतई न था एतबार 

यह कैसी बात हुई... भला

अगर हम किसी से प्यार ही नहीं करेंगे 

तो प्यार होगा कैसे..

ये ही सोचतीं थी 

अपने सोच पर था पूरा भरोसा 

... खुश थी ...

प्यार से कोसों दूर थी 

 .. फिर क्यूं आजकल मैं इतनी बेचैन रहती हूं 

क्यूं ..किसी के ख्याल मुझे हर पल सताते हैं 

क्यूं.. सोते जागते हर वक्त किसी के बारे में सोचने में अच्छा लगता है 

क्यूं ..हो रहा है ऐसा मेरे साथ 

मैंने तो कभी प्यार को चाहा ही नहीं 

... तो क्या न चाहते हुए भी 

प्यार ने मुझे चुन लिया।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance