STORYMIRROR

Amol Nanekar

Romance

3  

Amol Nanekar

Romance

चांद

चांद

1 min
288

‌‌‍चाँद क‍ो ही देखा जाता हैं

जहां रोशनी की क़ीमत होती हैं

तारीफ़ तो तेरी मैं हररोज करता हूं

पर तुझे कहां फुरसत होती हैं


तुझे तो मौसम भी देखता रह जायेगा

फिर मेरे देखनेसे क्यो हैरत होती हैं

हर बार मिलती रहती हो तुम

यहीं तो फितरत होती हैं


ना बात करती हो,

ना देखती हो

फिर भी याद करती हो,

यही तो किस्मत होती है


बिना देखे ही ध्यान रखती हो

यह प्यार नहीं आदत होती हैं

तुम कैद हो इश्क के गांव में

जहां से कहां ज़मानत होती है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance