चांद खिलौना
चांद खिलौना
मां दे दो मुझको वो चांद खिलौना,
मैं खेलूंगा दिनभर उससे,
भुख प्यास जो लगेगी उसे,
दूध रोटी खिलाऊंगा उसे,
मां ओ मां दे दो ना वो चांद खिलौना,
रीझ जाता हूं मैं उस पर,
रात भर करता वो टिम टिम
जैसे चमके तुम्हारी बिंदिया,
दे दो ना वो चांद खिलौना,
झूले पर झूलाऊंगा,
गोदी में सहलाऊंगा,
नीद जो आएगी उसे मैं
थपकी और लोरी गाऊंगा,
दे दो मुझको चांद खिलौना,
इसके बाद न दूजा खिलौना
तुझसे मैं मंगवाऊंगा,
तेरी हर बात मानूंगा मां मैं,
कभी न तुझे सताऊंगा,
मां मुझको वो दे दो चांद खिलौना।
