STORYMIRROR

RAJNI SHARMA

Romance Fantasy

4  

RAJNI SHARMA

Romance Fantasy

चाँद का दीदार

चाँद का दीदार

1 min
234

कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी,        

चैत्र माह में विशेष उत्साह से पूजी जाती,

सुहागिनों के लिए सौभाग्य लेकर आती,

करवाचौथ के त्योहार से जानी जाती।।


प्रातःकालीन की शीतल बेला है कुछ खास ,

सासू माँ से सरगी पाने का है अनूठा रिवाज़,

सतरंगी व्यंजनों में झलकता सासू माँ का प्यार,

सदा सुहागन का मिले मैया गौरी का आशीर्वाद।।


रवि की अर्चना के लिए किये हैं सोलह श्रृंगार ,

अमिट प्रेम से अभिभूत होते हैं सजना बारम्बार,     

चहूँ मनोरम, सुसज्जित दृश्यों की होती झनकार,

सौभाग्य पर्व में मिले सदा प्रीतम का प्यार ।।


चतुर्थी मैया का नफीस गैरवा मैं बनाऊँ,

आटे हल्दी से रंग-बिरंगा कामना चौक पुरुँ ,        

चीनी, चावल , गेहूँ अनाज से करवा भरूँ,

श्रद्धा भक्ति भाव से अखंड सुहाग का वर पाऊँ।।


सात्त्विक आहार बनाकर सासू माँ को खिलाऊँ,

पिया की स्वस्थ लम्बी आयु का आशीष पाऊँ ,


छन्नी के झरोखों से नारंगी चाँद के दीदार करूँ,

मन कर्म वचन से सदा जीवन में मैं मुस्कुराऊँ ।।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance