STORYMIRROR

Anita Sharma

Abstract Tragedy

4  

Anita Sharma

Abstract Tragedy

बुनियाद

बुनियाद

1 min
205

आपने कहा था 

आप लौटेंगे

क्या पता था!

आपसे हमारी


आखिरी मुलाकात थी,

आँखें नम है लेकिन

दिल में हैं प्रार्थनाएँ

पापा आपको हम

कैसे भूल जाएँ


ज़िन्दगी आपसे थी

क्यूँकि हर चुनौती में

स्तंभ से खड़े रहना

और

वो प्यार की थपकी


हिम्मत जगाती थी,

बुनियाद क्या हिली

स्तंभ वो दरक गया

जाने आयी वो कैसी

तूफानी रात थी !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract