Swati Sharma
Drama
तुम उसके और वो तुम्हारी तब हुई
जब बटुए में उसकी तस्वीर शामिल हुई।
जब ख्वाहिश उसकी और सपने तुम्हारे हुए।
जब लकीरें तुम्हारी उसके बीच की धूमिल हुई।
भाई बहन का प्...
आवाज़
खालीपन
ख़्वाहिश
उम्र की तलाश
विश्वास
उड़ान
जिन्दगी
हम भी इन्सान ...
दोस्ती
मेरा आंगन मुझसे कुछ कह रहा है, पुरानी यादों की सरसराहट से वो गूंज रहा है। मेरा आंगन मुझसे कुछ कह रहा है, पुरानी यादों की सरसराहट से वो गूंज रहा है।
वो लब्ज़ जिसे कहते हैं प्यार वो है आजकल कारोबार। वो लब्ज़ जिसे कहते हैं प्यार वो है आजकल कारोबार।
तुम्हारी खुशबू से महका ये सारा शहर लगता है, जिस पल में तू ना दिखे वो पल आखरी लगता है, तुम्हारी खुशबू से महका ये सारा शहर लगता है, जिस पल में तू ना दिखे वो पल आखरी...
चलो अच्छा हुआ तुम चले गए चलो अच्छा हुआ तुम चले गए। चलो अच्छा हुआ तुम चले गए चलो अच्छा हुआ तुम चले गए।
फिर भी इस जग में प्रेरणा के श्रोत अभी जिंदा है। फिर भी इस जग में प्रेरणा के श्रोत अभी जिंदा है।
जो घुट गई थी लिफाफों की सील में, अब सार्थक भी हो उनकी हर दुआ। जो घुट गई थी लिफाफों की सील में, अब सार्थक भी हो उनकी हर दुआ।
एक उम्र और मिले जिसे जी भर कर है जीना, अपने हिस्से का आसमान अब हमे है छूना। एक उम्र और मिले जिसे जी भर कर है जीना, अपने हिस्से का आसमान अब हमे है छूना।
ना बस में रहा कुछ, ऐसी खोई मैंने सुध बुध। ना बस में रहा कुछ, ऐसी खोई मैंने सुध बुध।
शिफा दे ज़रा, गर दुआ या दवा सा है शिफा दे ज़रा, गर दुआ या दवा सा है
ईश्वर से मित कर लो प्यार सम्मान अपनत्व का रंग भर दो ईश्वर से मित कर लो प्यार सम्मान अपनत्व का रंग भर दो
शायद वो भूल गए हैं कब्र के आर पार, आवाज़ें सुनाई नहीं पड़ती। शायद वो भूल गए हैं कब्र के आर पार, आवाज़ें सुनाई नहीं पड़ती।
छोड़ो सब ऊपर वाले पर शायद अब अपने हाथ कुछ नहीं ! छोड़ो सब ऊपर वाले पर शायद अब अपने हाथ कुछ नहीं !
यार हर पहर, धूप या सहर दिल पे तेरा पहरा है पाक जो करे, रूह को मेरे ऐसा तेरा चेहरा है यार हर पहर, धूप या सहर दिल पे तेरा पहरा है पाक जो करे, रूह को मेरे ऐसा तेरा च...
ये दुनिया उजाड़ रखी है तूने।। दोष किसी और को न दे पाएगा। ये दुनिया उजाड़ रखी है तूने।। दोष किसी और को न दे पाएगा।
आत्मा रूपी सरोवर में खिलते हैं ... सुकून के पल यथार्थ में मिलते हैं आत्मा रूपी सरोवर में खिलते हैं ... सुकून के पल यथार्थ में मिलते हैं
रौशन बताओ ज़िन्दगी में कोई आराम क्यों नहीं। रौशन बताओ ज़िन्दगी में कोई आराम क्यों नहीं।
तेरी धुन पर गाते रहना, अब है मेरा काम, तेरी याद हमसफर सुबह शाम। तेरी धुन पर गाते रहना, अब है मेरा काम, तेरी याद हमसफर सुबह शाम।
मैं ईश्वर की अनमोल देन हूं पिंजरे का पक्षी बन दिल दिमाग से कैद हूं.। मैं ईश्वर की अनमोल देन हूं पिंजरे का पक्षी बन दिल दिमाग से कैद हूं.।
मासूमियत के नकाब में छिपा लेती हैं अपना सारा गुबार। मासूमियत के नकाब में छिपा लेती हैं अपना सारा गुबार।