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Ashok Patel

Romance Fantasy


4.0  

Ashok Patel

Romance Fantasy


बताना मुझको।

बताना मुझको।

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देखा है अक्सर पलकों पर बिठायें खूबसूरती को,

अगर इबादत में समाया हो किसी ने तुझको

तो बताना मुझको।


हो जाते है लोग जल्द ही ज़िस्म से क़रीब,

बसाया हो रूह में किसी ने तुझको

तो बताना मुझको।


कहने पर तो सुन ही लेता है हर शख़्स दर्द को,

समझा हो आँखों से उतर किसी ने तुझको 

तो बताना मुझको।


चलता है सफ़र में हाथ थामें हर मुसाफ़िर,

थकावट पर उठाया जो किसी ने तुझको 

तो बताना मुझको।


देखा है अक्सर पलकों पर बिठायें खूबसूरती को,

अगर इबादत में समाया हो किसी ने तुझको

तो बताना मुझको।


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