V. Aaradhyaa
Comedy Crime Thriller
कभी कभी ज़रूरी हो जाता है
नितांत अकेले रहना,
खुद से बातें करना
खुद की कमी समझना,
खुद को खुद की नज़र से देखना:
और कभी कभी...
बेहद ज़रूरी हो जाता है,
खुद को बर्दाश्त करना !
अनंत उजास
गणेशाय नम :
गणेशाय
तीज
ज़िन्दगी
सूर्योदय
विरह भरी राते...
मर्यादा के प्...
महिमा अपार
तुम मुझे ज़ूम कर लो मैं तुम्हें ज़ूम कर लूँ। तुम मुझे ज़ूम कर लो मैं तुम्हें ज़ूम कर लूँ।
फूलों के जहाँपनाह अब कलियाँ भौरों का इंतज़ार नहीं करतीं भौंरों के पीछे दौड़ जाती हैं फूलों के जहाँपनाह अब कलियाँ भौरों का इंतज़ार नहीं करतीं भौंरों के पी...
भाषण देते, आश्वासन देते, कुशासन देते नेता जी, चुनावों में वादे भी करते, और फिर भूल भी जाते नेता जी..... भाषण देते, आश्वासन देते, कुशासन देते नेता जी, चुनावों में वादे भी करते, और फिर भ...
वो अचरज मे पड़ जाते हैं शहरों की सड़कों पर...। वो अचरज मे पड़ जाते हैं शहरों की सड़कों पर...।
अजीब लोग थे वहाँ के, जैसे हों आदिमानव... अजीब लोग थे वहाँ के, जैसे हों आदिमानव...
मुन्ने को छोड़ चल कुछ अच्छा चूस के आते हैं चल कुछ अच्छा चूस के आते हैं। मुन्ने को छोड़ चल कुछ अच्छा चूस के आते हैं चल कुछ अच्छा चूस के आते हैं।
इस भरी जवानी में ही, मुझे ओल्ड कर दिया। इस भरी जवानी में ही, मुझे ओल्ड कर दिया।
ना जाने मम्मी पापा कैसे जिया करते हैं नो से पांच की नौकरी में भी खुश रहा करते हैं। ना जाने मम्मी पापा कैसे जिया करते हैं नो से पांच की नौकरी में भी खुश रहा करते ह...
अपनी आँखें मलते-मलते मेंढक बोला यूँ मचल के... अपनी आँखें मलते-मलते मेंढक बोला यूँ मचल के...
हल्के में मत लेना इन शर्मा जी, वर्मा जी, मिश्रा जी को यही हमारे असली करता धरता है। हल्के में मत लेना इन शर्मा जी, वर्मा जी, मिश्रा जी को यही हमारे असली करत...
क्योंकि मुझे उन्हें है बताना कि हर बार जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है वह अक्सर दिखाई नही... क्योंकि मुझे उन्हें है बताना कि हर बार जो दिखता है वो होता नहीं और जो होता है...
'मैं खाने पीने का शौक़ीन, अदरक की तरह फैल गया, शरीर L से XXXL, और कमर का कमरा बन गया। कोमेडी कविता 'मैं खाने पीने का शौक़ीन, अदरक की तरह फैल गया, शरीर L से XXXL, और कमर का कमरा बन...
आश्वासन से सबका पेट भरते बडे-बडे जनता से वादे करते, आश्वासन से सबका पेट भरते बडे-बडे जनता से वादे करते,
हर दिल की धड़कन बेतहाशा बढ़ जाती है, नज़रे इधर उधर घूम जाती हैं, फिर भी नहीं कोई सूरत नज़र आती है... हर दिल की धड़कन बेतहाशा बढ़ जाती है, नज़रे इधर उधर घूम जाती हैं, फिर भी नहीं ...
'उसके बाद सात फेरे के चक्कर ने, दिलाएं मुझे इतने चक्कर ! अब ज्यादा से ज्यादा पैसा कमाने में,मैं हुआ ... 'उसके बाद सात फेरे के चक्कर ने, दिलाएं मुझे इतने चक्कर ! अब ज्यादा से ज्यादा पैस...
ऐ खुदा ! इतनी ही रहम करना इस नाचीज पे नवाजना सात जन्म तक ऐसी चीज़ अजीज़ से। ऐ खुदा ! इतनी ही रहम करना इस नाचीज पे नवाजना सात जन्म तक ऐसी चीज़ अजीज़ से।
'कबिता है मेरी ज़िन्दगी, कबिता मेरी बंदगी, कबिता ही है मेरी पहली प्यार, कबिता नि दी मुझे पहचान। एक हा... 'कबिता है मेरी ज़िन्दगी, कबिता मेरी बंदगी, कबिता ही है मेरी पहली प्यार, कबिता नि ...
'कुत्ते की मालकिन, कभी आगे, और कभी पीछे दौडती है, गोद में हो, कभी कुत्ता चाटता है कभी मालकिन चूमती ह... 'कुत्ते की मालकिन, कभी आगे, और कभी पीछे दौडती है, गोद में हो, कभी कुत्ता चाटता ह...
उसने हमसे पूछ लिया, दूसरी कविता फिर कब सुनायेंगे ? उसने हमसे पूछ लिया, दूसरी कविता फिर कब सुनायेंगे ?
पर उन्हें कौन बताए कि हम घुम्मकड़ नहीं बल्कि भुलक्कड़ है। पर उन्हें कौन बताए कि हम घुम्मकड़ नहीं बल्कि भुलक्कड़ है।