STORYMIRROR

Priyanka Dhibar

Abstract Action Inspirational

4  

Priyanka Dhibar

Abstract Action Inspirational

बनो तो सूर्य की तरह

बनो तो सूर्य की तरह

1 min
312


आसमान में सूरज को देखो,

चाहे वह उदय हो या अस्त,

प्रकाश हमेशा देता है,

ज्ञान को इस सूर्य के समान तेजस्वी बनाओ

जो हमेशा के लिए चमकता है ।

सबसे ऊपर खड़ा है वह,

पहाड़, बादल और यहां तक ​​कि जमीन से भी,

वह सबसे ऊपर मौजूद है,

वह आसमान का राजा है,

इस राजा की तरह मजबूत बनो

जिससे सभी हारे हैं।

पूर्व आकाश में हो या पश्चिम की उन पर्वतों से घिरी क्षितिज रेखा में,

चमक पूरे आसमान में फैल जाती है,

बादलों के पीछे खेलता है,

और चंद्रमा सहित कितने ग्रहों और उपग्रहों को प्रकाशित करता है,

आपने काम पर खुद को इस तरह लुटा दें

सभी के लिए प्रेरणा बनें ।

हर दिन यह उगता है और हर दिन यह अस्त भी जाता है,

उसका कोई विराम नहीं है,

कभी उजाला तो कभी धुंधला,

फिर भी यह कभी नहीं मिटता,

अपनेे कर्तव्य के लिए खुद को कुरबान कर दो

पृथ्वी पर अपने व्यक्तित्व की छाप छोड़ कर जाओ ।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract