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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Classics Inspirational

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Dhan Pati Singh Kushwaha

Abstract Classics Inspirational

बनें हम केवल एक इंसान

बनें हम केवल एक इंसान

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प्रभु हमको दीजै यह ज्ञान,

बनें हम केवल एक इंसान।


हमें जब भेजा प्रभु तुमने इस जग में,

हमारी क्या थी बस पहली पहचान ?

भुलाया निज स्वरूप को आकर यहां,

धर्म-जाति का सहा असह्य अपमान।

प्रभु हमको दीजै यह ज्ञान,

बनें हम केवल एक इंसान।


भेद समाप्ति की शक्ति दो,

तव चरणों की अटूट भक्ति दो।

मुक्त कर सकूं अपने -अपनों को,

जो बने हर मानव पहले एक इंसान।

प्रभु हमको दीजै यह ज्ञान,

बनें हम केवल एक इंसान।

प्रभु हमको दीजै यह ज्ञान,

बनें हम केवल एक इंसान।


प्रभु हमको दीजै यह ज्ञान,

बनें हम केवल एक इंसान।


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