STORYMIRROR

Rekha gupta

Romance

3  

Rekha gupta

Romance

बिन तुम्हारे

बिन तुम्हारे

1 min
267

नींद हमारी ख्वाब तुम्हारे,

सूना है जीवन बिन तुम्हारे।


नित नये नगमे गाता है ये दिल,

सुर नही सजते बिन तुम्हारे।


सांसें धड़कनें यूं तो सब है,

अरमान संग जीने मरने का तुम्हारे।


कोशिश की जब भुला दूं तुमको,

याद आए पल जब साथ थे तुम्हारे।


उलझन में हूं किसको बताऊँ,

उलझी है हर डोर साथ तुम्हारे।


मुझसे मेरी सांसें रूठ न जाए,

जीना चाहती हूं बस साथ तुम्हारे।


तुम बिन मैं बहुत अकेली तन्हा हूँ,

क्या तुम भी बेकरार हो बिन हमारे।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance