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लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

Romance

3  

लाल देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव

Romance

बिन फेरे हम तेरे

बिन फेरे हम तेरे

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बिन फेरे हम तेरे,

दिल में कब से रहते हैं।

याद आते हैं संग बिताए वो पल,

आँखों से आँसू बहते हैं।।


तेरे संग न ब्याह रचाया,

पर प्यार का वादा निभाया।

क्या सपने देखे हमने मिल के,

काश! अब तक पूरा न हो पाया।।


रिश्ता न है तुम्हारे तन से,

तुम को चाहा कितने मन से।

प्रीत हमारा अमर रहे,

बिन फेरे हम तेरे हैं जन्मों से।।


कुछ ऐसे हालात हैं आए,

साथ साथ हम न रह पाए।

यादें आती हर पल तेरी,

बिन फेरे हम तेरे कब हो जाएं।।


रात में ख़्वाब में आती हो, 

कितना प्रीत जताती हो।

सच हो प्यार के सपने,

बिन फेरे साथ निभाती हो।।


तेरे लिए जग से लड़ जाऊँ,

दुनिया को छोड़ तुझे अपनाऊँ।

बस! साथ तेरा न छूटे मुझसे,

फिर फेरे भी तेरा बन पाऊँ।।



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