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Ram Chandar Azad

Drama

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Ram Chandar Azad

Drama

बिन पानी सब सूना

बिन पानी सब सूना

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बिन पानी के शुष्क सा लागे यह सारा संसार

कहि आज़ाद पानी बिना जीना है धिक्कार।


जीना है धिक्कार, कदर कोई नहीं करता

नहिं समाज में शीश उठाकर वह चल सकता।


मुकुट बिना आज़ाद व्यर्थ राजा रानी के

उसी तरह संसार न सोहै बिन पानी के।


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