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Himanshu Jaiswal

Romance Others


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Himanshu Jaiswal

Romance Others


भूला नहीं सकता!

भूला नहीं सकता!

1 min 27 1 min 27

चले जाओगे अगर दूर तो बुला नहीं सकता 

याद आओगे बहुत लेकिन भुला नहीं सकता


मेरी आँखें दरिया हो जायेंगी तुम्हारे ख़ातिर

सिसक सकता हूँ चीख-चिल्ला नहीं सकता


इश्क़ दोनों ने किया था सजा सिर्फ मैने ही पाई है

और कोई तरीका दिल को मेरे बहला नहीं सकता


जो हुआ अच्छा हुआ दोनों की राहें मुख़्तलिफ़ हैं

अब ना कोई हँसा सकता है कोई रुला नहीं सकता


बज़्म-ए-रिंदाँ में ख़्वाहिश है सागर को सागर की

बज़्म-ए-जानाँ में कोई होठों से पिला नहीं सकता 

 

इक रौशनी के लिये दर-दर भटकते हो तुम भी

'काविश' की तरह कोई अपना घर जला नहीं सकता!


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