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गोद याद ख़्वाहिश घर कोई बहला सके हमें न ज्ञान खुद सागर सजा मृग मरीचिका दिल उपवन धरती अच्छी कविता होठों मन सच भुला हे आर्य वीरों! जागो विरोध

Hindi बहला Poems