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मृग मरीचिका याद कोई बहला सके हमें न रौनक सजा दिल अच्छी कविता सब उत्कृष्ट मन सागर होठों खुद विरोध उपवन ज्ञान घर ख़्वाहिश गोद माहौल धरती

Hindi बहला Poems