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याद ज्ञान अच्छी कविता सच ध्यान उपवन कोई बहला सके हमें न दिल मृग मरीचिका सागर हे आर्य वीरों! जागो होठों हृदय ख़्वाहिश मन गोद खुद सब उत्कृष्ट अंतर्मन भुला

Hindi बहला Poems