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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy

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Shyam Kunvar Bharti

Tragedy

भोजपुरी पर्यावरण गीत

भोजपुरी पर्यावरण गीत

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बिना पानी बेकार ज़िंदगानी

सुना हो दिलवरजानी।

बिना पानी केवनों काम नाही चलिहे

पानी पानी रतट लोगवा मारी जईहे।


पनिया बचावा करा जानी नादानी

सुना हो दिलवरजानी।

नदिया तालाब भाप उड़ि

बदरा बनावेला।


उमड़ घुमड़ गरज

बदरा तब बरसेला।

पनिया बिना जमीन

जईसे बालू राजस्थानी।


सुना हो दिलवरजानी

अब काहे कुआ न

तालाब केहु खोदावेला।

केवनों काम बिना ढेरी 

पनिया बहावेला। 


पीयले त छोड़ा

नहाये में होई परेसानी।

सुना हो दिलवरजानी

चापाकल टूबेल मूहवा

बालू खूब फेकाला।


धरती भीतरी तनको न

चुरवा पनिया भेटाला।

पनिया बिना मरीहे गाय

गोरू औरी परानी।


सुना हो दिलवरजानी

बरसिहे न बदरा त

खेतवा कईसे बोवाई।

बोवाई न खेतवा त

धनवा कईसे रोपाई।


पानी बिना अन्न नाही

खइबा का सोना चानी।

सुना हो दिलवरजानी

बिना पानी बेकार ज़िंदगानी।


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