STORYMIRROR

Farhaan Hussain

Classics Inspirational

4  

Farhaan Hussain

Classics Inspirational

भारत मेरी शान

भारत मेरी शान

1 min
401

ये धरती जहाँ फले फूले खेत, 

पवित्र नदियाँ और विशाल पर्वत, 

उपजाऊ धरती और सुंदर भूदृश्य, 

यही जहाँ मेरा दिल हैं समाया। 


ये धरती जहाँ विविध हैं परंपरा, 

अंगिनत बोलियाँ,

विभिन्न धर्म, 

हैं एकता का वास यहाँ। 


ये धरती जहाँ हैं सांस्कृतिक विविधता, 

समृध्द हैं जिसका इतिहास, 

हैं रंगीन उत्सव जहाँ के, 

सुगंधित, स्वादिष्ट मिठाईयाँ, 

मेहमान नवाज़ी हैं जिसकी उत्तम, 

ये हैं मेरा देश, मेरी शान। 


ये बताए राह शांति की, 

ये बनाए संबंध एकता के, 

ये ले आए समन्वयता, 

बढ़ाएं महिमा प्रेम की,

ये हैं दुनिया का ताज रत्न। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Classics