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Tanha Shayar Hu Yash Pal

Abstract Tragedy


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Tanha Shayar Hu Yash Pal

Abstract Tragedy


बह गया

बह गया

1 min 177 1 min 177


कुछ तेरा अहसास तनहा 

रह गया आँखों में,


सागर से उठा तूफ़ान 

नज़ारा बह गया आँखों में,


मुझे बड़ी प्यास थी तेरी 

प्यासा रह गया आँखों में,


किनारे पर बैठे इंतज़ार किया 

इशारा बह गया आँखों में,


था तुमसे बहुत किनारा किया 

सहारा बह गया हाथों में,


दो पल जो देखा तेरी आँखों को 

अफसाना बह गया बातों में 


और 

तुमको गले लगाया जो तन्हाई 

जिस्म -ऐ - रूह बह गई मुलाकातों में। 




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