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Manju Rani

Romance Tragedy

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Manju Rani

Romance Tragedy

बेवफाई के आँसू

बेवफाई के आँसू

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तेरी बेवफाई के आँसू

मेरी आँखों से बरसे

और तेरे द्वेष-क्लेश की गर्मी से

भाप बन उड़ गए ।

गगन में जा बादल बन गए

दर्द भरे बादल गरजने लगे।

बरखा बन बरसने लगे ।

सब का दामन भिगोने लगे ।

तेरी बेवफाई की कहानी कहने लगे ।

और मेरी वफा तेरे चक्षुओं से

अश्रु बन बारिश संग बहने लगे ।

तब शायद एक क्षण के लिए

तुझे मेरी कमी महसूस होने लगे।

और मेरे प्यार की गहराई

तेरी खिड़की पर पड़ी बूँदें बयां करने लगे।

बूँदों की टप-टप धीरे-धीरे

तेरी-मेरी कहानी तुझे सुनाने लगे ।

और तेरे नयनों की नमी

तेरी बेरुखी बयां करने लगे ।

तब भी मेरे लोचन

तेरे लोचनों की नमी से नम होगें

क्योंकि ये वो प्रेम है

जो होठों से बयां नहीं होता

बस बरसात की बूंदों-सा बहने लगे ।


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