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Op Merotha Hadoti kavi

Tragedy

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Op Merotha Hadoti kavi

Tragedy

बेटों पे अभिमान न करना

बेटों पे अभिमान न करना

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हाड़ौती गीत


मात - पिता ने पाला पोसा

अब उनको सम्मान नहीं

बेटों पे अभिमान ना करना

हर बेटा तो राम नहीं।


जिस माता ने गर्भ धरा है

नौ माह तक कष्ट सहे 

हर दुख झेला पाला - पोसा

बेटा उनको गलत कहे

बेईमानी मम्मी पर धरना

माँ के दुख की शाम नहीं -2

बेटों पे अभिमान...


भाग्यवान होते हैं वो जिनकी

बेटी श्रवण कुमार बने

बड़े हराम होते हैं वो

जिनके लाल हैवान बने

बेटों से अपमान सहेंगे

जिन बापो पर दाम नहीं ।

बेटों पे अभिमान...


अब तो हर संबंध धरा है

रुपयों के बुनियादो पर

कौन - बाप है कैसी माता

रिश्ते बिके छ: धामों पर बे -

मतलब रिश्तों को ढोना

अब इंसानी काम नहीं -2

बेटों पे अभिमान...


भूल गए कर्तव्यों को सब

बिन मतलब कोई काम नहीं

यह है कलयुग की औलादें

नागों से फुफकार रहे

सह ले दर्द ज़ख्म को पी ले

निर्भय तू बलराम नहीं।

बेटों पे अभिमान...


खूब पढ़ाया खूब लिखाया

अच्छा कारोबार दिया

हँसी खुशी संबंध कराया

सारा जीवन वार दिया

लात मार बे - घर कर डाला

अब उनका कुछ काम नहीं -2

बेटों पे अभिमान ना करना

हर बेटा तो राम नहीं ।


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