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ritesh deo

Tragedy

4  

ritesh deo

Tragedy

बेटा बड़ा हो रहा है

बेटा बड़ा हो रहा है

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जो गर्म रोटी के निवाले से भी चीख उठता था,

वो आज खुद तवे पे हाथ जला रहा है ...

माँ तेरा बेटा बड़ा हो रहा है ....


जो रोता हुआ तेरे हाथों से लिपट जाता था,

वो आज जिम्मेदारीयो से आंसू पोछ रहा है ..

माँ तेरा बेटा बड़ा हो रहा है ....

जो हर पल तेरे पल्लु की ठंडी छाव में रहता था,

वो आज एसी में बैठा हुआ भी तुझे याद कर रो रहा है ..

माँ तेरा बेटा बड़ा हो रहा हैं ....


जो कभी नंगे पैर तेरे आगे पीछे घूमा करता था,

वो आज कार में सवार तेरे से मिलने को बेताब है...

माँ तेरा बेटा बड़ा हो रहा है...जो कभी पापा से पॉकेट मनी लेता था,

वो खुद कमा केे भी तेरे उन 2-2 रुपये को तरस रहा है...

माँ तेरा बेटा बड़ा हो रहा है....


मां, यहा बहुत कुछ है,

पर तेरी याद बहोत आती है,आंसू पोछ लेता हूँ खुद से

क्यों की तुमने यहाँ भेजने से पहले बोला था....

मेरा बेटा बड़ा हो गया है।



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