STORYMIRROR

Ramanpreet -

Drama

3  

Ramanpreet -

Drama

बेफ़िक्र ज़िंदगी

बेफ़िक्र ज़िंदगी

1 min
245

तारों की छाँव हो,

नदिया में पाँव हो,


हवा सी अठखेलियां हो,

संग सखी और सहेलियाँ हो,


अल्ल्हड़पन की पहेलियाँ हो,

शरारतों पे तालियाँ हो,

झूलों से झुकी डालियाँ हो,


बेफ़िक्र ज़िंदगी की हमारे नाम

भी कुछ निशनियाँ हो ....।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama