STORYMIRROR

वैशाली सिंह

Children

4  

वैशाली सिंह

Children

बचपन की राखी

बचपन की राखी

1 min
354

भाई बहिन जब छोटे थे 

यादें बचपन की संजोते थे 


कभी लड़ते कभी झगड़ते 

कभी संभालते कभी बिगड़ते 


गुस्सा करती बहना थी 

ना माना करती कहना थी 


भाई भी खूब मानता था 

नई नई तरकीबें अपनाता था 


जब आता राखी का त्यौहार 

बहना के होते नखरे हजार 


पैसे दोगे सारे जब 

राखी बांधूंगी मैं तब 


भाई भी खूब था कलाकार 

बहना का किया खूब मनुहार 


सौदा नहीं ये पैसों 

त्यौहार है ये हम जैसों का 



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Children