STORYMIRROR

वैशाली सिंह

Inspirational

4  

वैशाली सिंह

Inspirational

आधुनिक युग की नारी

आधुनिक युग की नारी

1 min
336

वो है गृह लक्ष्मी 

लक्ष्मी का रूप 

कभी बने दुर्गा 

कभी वो ले शारदा का रूप 

जहाँ हो पूजा नारी की 

वही बस जायें सारे ईश्वर 

जहाँ हो सम्मानित हर नारी 

रौनक छा जाए उस घर ।


मुश्किल चाहे कितनी भी आयें 

तूफ़ानों से वो हंसकर बतियाए 

घर से लेकर दफ्तर तक 

अपना परचम वो लहराए

सबकी खुशियों का रखती ख्याल 

वो है कमाल वो है बेमिसाल ।


रंग भरती सबके जीवन में 

अपनेेेपन की पिचकारी से 

सबको लेती है सम्भाल 

अपनी अनुपम कलाकारी से 

कदम से कदम मिलाकर चलती 

वो आधुनिक युग की नारी है 

ना है वो अब असहाय ,अबला 

समझती दुनियादारी है।


वो है नायिका अपने जीवन की 

जान लेती भावनायें सबके मन की 

देश -विदेश मे कर रहीं नाम रौशन 

अब नारी भी है इस देश की धड़कन ।


  


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational