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ananya rai

Classics Fantasy Inspirational

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ananya rai

Classics Fantasy Inspirational

बचपन और गांव

बचपन और गांव

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आइए आपको उस जगह ले चलूं, 

जिन्दगी के बहुत से खजाने छिपे हैं।।


 जहां मुस्कराती सुबह भी मिलेगी, 

वहीं खूबसूरत बचपन खिले हैं।।


 सोंधी-सोंधी खुशबू से मिट्टी सनी है, 

बनफूल के महकते गुलशन खिले हैं।।


 पोपले चेहरे पर हंसी भी ठहरती, 

दादी-नानी के सुन्दर रिश्ते मुस्कुराते।।


 आंधी -पानी का मजा भी बहुत है, 

अमराई में मंजरियां खिली है।


 चिड़ियों की चहचहाहट से प्यारे, 

जीवनमय बगिया खिलखिलाती मिलेगी।।


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