STORYMIRROR

ananya rai

Romance

3  

ananya rai

Romance

ये ना पूछो कैसे जाकर मैंने कोई गीत लिखा है

ये ना पूछो कैसे जाकर मैंने कोई गीत लिखा है

1 min
233

ये ना पूछो कैसे जाकर मैंने कोई गीत लिखा है

दिल के तारो को छेड़ा है और दुखों का तोड़ लिखा है 

जीवन में जो कुछ होता है गुणा घटाना जोड़ लिखा है 

हंसी ठिठोली और आंसू है फिर दर्दों का सार लिखा है 

नाम तुम्हारा हर पन्ने पर जाने कितनी बार लिखा है

हमने अपनी हार लिखी है और तुम्हारी जीत लिखा है 

ये ना पूछो कैसे जाकर मैंने कोई गीत लिखा है


तुलसी की पाती पर मैंने दिल के सब मनुहार लिखा है 

प्यार हमारा अमर रहे ये क्या क्या है स्वीकार लिखा है 

इन अधरों से उन अधरों का जो भी है संवाद लिखा है 

अपने दिल के इन भावों का एक सरल अनुवाद लिखा है

ये रिश्ता है अपना कितना पावन और पुनीत लिखा है  

ये ना पूछो कैसे जाकर मैंने कोई गीत लिखा है



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance