STORYMIRROR

Gurpreet Kaur

Romance

4  

Gurpreet Kaur

Romance

बातों का जादू

बातों का जादू

1 min
420


रेशमी शब्दों के जाल की तरह

उसकी बातों का जादू

आज भी मुझ पर छाया हुआ है

वो बात अलग है कि

लम्बे अरसे से हमारी बात नहीं हुई

बारिश की बूंदो की आवाज़

आज भी मुझे अच्छी लगती है

मानो जैसे वो युगों का अंधेरा

अपने साथ बहा कर ले जाती हो

जब हवा का रंग रंगीन हो जाता है

तब ऐसा लगता है

वो कोई मेरी लिखी हुई कविता को पढ़ रहा हो

और उसे मधुर संगीत के रूप में

प्रकृति को सुना रहा हो

मैं नहीं जानती

हम फिर कभी मिलेंगे या नहीं

पर हाँ

तुम्हारी बातों का एहसास

जिन्दा रहेगा ता - उम्र

इस बात की मैं साक्षी रहूंगी।



विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance