।। बारिश ।।
।। बारिश ।।
सावधान नहीं थी...
जोर की बारिश शुरू हुई...
मन में बारिश में भीगने की मनसा जागी...
बारिश के संग मंद हवा थी...
लगा जैसे तेरा स्पर्श हुआ...
बारिश में भीगने की मनसा हुई...
साथ तेरा ना मिला...
मंद हवा का संग...
की जरूरत...?
जोर की बारिश...
इशारा कर भीगने का न्योता दे रही थी...
खुद को भिगाकर...
मानो शांत होने कह रही थी...
बारिश में भीगने जाने पर...
तुम उदास हो जाते हो...
अकेले बारिश में भीगने से...
मेरे अकेलेपन का एहसास मुझे होता है...
मेरे मन को काबू में रख समझाती हूं...
सब जल्द ही ठीक हो जाएगा...
बारिश में पूरी तरह भीगकर...
तेरी कम पर जी भर कर रो लेती हूं...!
