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Kumar Kishan

Tragedy

3  

Kumar Kishan

Tragedy

बाल मज़दूरी

बाल मज़दूरी

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इन बाल मज़दूरों को देखकर

कभी-कभी यह सोचता हूँ

कब यह बाल मज़दूरी खत्म होगी?

कब बाल मज़दूरों का भविष्य संवरेगा?

पढ़ने की उम्र में जब यह बाल मज़दूरी

करते हैं, सच में कहूँ यह समाज पर

एक प्रश्न खड़ा करते हैं


आज बाल मज़दूरी एक अभिशाप

बन चुका है

इस समाज के लिए एक

चुनौती बन चुका है

यह बाल मज़दूरी इस देश से

ही देश का भविष्य छीन रहा है

हाथ में कलम और किताब की

जगह नोट थमा रहा है


इसलिए, देश की भविष्य को

सवारना होगा और बाल मज़दूरी

की समस्या को समाप्त करना होगा

तभी यह बाल मज़दूरी की समस्या

हटेगा और बाल मज़दूर के

हाथ मे कलम और किताब आएगा,

तब मुस्कान होगी हर बाल मज़दूर

के चेहरे पर,जब बाल मज़दूरी की

अविश्वास से वे मुक्त होंगे



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