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Sarita Kumar

Romance

4  

Sarita Kumar

Romance

बादल

बादल

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वफादार हैं 

ये बादल भी 

जो भींगा कर तुम्हें 

मेरे शहर में आते हैं 


दो बूंद स्वाती के

बरसा कर 

तृप्त मुझे कर जाते हैं ‌


मीलों की दूरियां 

पल भर में मिटा देते हैं 

तपिश की तड़प 

शीतल कर जाते हैं 


बड़े वफादार हैं 

तुम्हारे शहर के बादल भी 

दो बूंद स्वाती के 

यहां भी बरसा देते हैं।


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