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Monika Baheti

Abstract Fantasy Inspirational

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Monika Baheti

Abstract Fantasy Inspirational

अवध में श्रीराम आए हैं

अवध में श्रीराम आए हैं

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राम राम की गूंज से राममय हुई ये भारत नगरी,

कण कण भगवान राम के अवधपुरी लौटने को तरस रहा,

500 वर्षों के कठिन तप से सत्य की विजय का शंखनाद हुआ,

चारों और खुशी की लहर दौड़ पड़ी,

हर घर भगवा लहरा गया, उत्सव की हुई तैयारी है,

स्वर्णिम से ये नज़ारे हैं,

धन्य धन्य हुई अवधपुरी है, धन्य धन्य हुई ये भारत नगरी,

जग के पालनहार रघुवर अवधपुरी में पधारे हैं,

धन्य धन्य हुए सभी जीव जन, धन्य धन्य हुआ हर एक भारतवासी,

राम लला की प्राण प्रतिष्ठा देखने के भाग्य हमारे जागे हैं,

ढोल नगाड़ों से, शंख की शंखनाद की गूंज से भव्य स्वागत की हो रही तैयारी है,

फूलो की लगी है लड़ियां, दीपों की लगी है कतारें, 

अवध नगरी आज दुल्हन सी सजी-धजी है,

दीपो की दीपमालाओ से जगमग जगमग चमक उठी ये भारत भूमि,

चारो तरफ हर्ष उल्लास से भारत का आंगन महक उठा हैं,

मर्यादा पुरुषोत्तम, दशरथनंदन, सूर्यवंशी श्री राम अवध में आए हैं,



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