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Ahmak Ladki

Romance

4  

Ahmak Ladki

Romance

अर्क

अर्क

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तुम्हारे शब्द सींचते हैं

मेरे दिल की ज़मीं

अरमान फल-फूल के

लद जाते हैं।


इश्क़ की डालियों पर

गुलाब खिल उठते हैं। 

मेरी दुनिया के हर कोने में

अर्क बना रही हूँ इन दिनों।


मिलोगे तो रूई के एक फाहे से

तुम्हारे कानों के पीछे भी

मल दूंगी थोड़ा।


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