STORYMIRROR

Devaram Bishnoi

Crime

4  

Devaram Bishnoi

Crime

अपराध जगत

अपराध जगत

1 min
328

आज कल पैसों कि चकाचौंध में युवा पीढ़ी

अपराधी बनती जा रही हैं।


पैसा कमानाअलग विषय है।


यहअपराध जगत अलग विषय है।


जिसने भीअपराध जगत में नादानी में 


भी एक बार क़दम रखा।


वो कभी इस गन्दे दल-दल में फंंसा बाहर नहीं निकल पाता।


पहले जेब खर्च फिर गर्लफ्रेंड्स के महंगें गिफ्ट्स।


मौजमस्तीे के लिएअपराध करते हैं‌।


अपराध जगत के सोर्टकट से पैसा कमाने के तरीके  


में पड़ने से यह फिरआदतनअपराधी बन जाते हैं।


फिर अपराध जगत में धाक जमाने के चक्र में


माफिया डॉन बन जाते हैं।


औरअपराध जगत कीअंधी गलियों में खो जाते हैं।


आखिर में पुलिस एनकाउंटर कर देती हैं।


इन बड़ेअपराधियों की तों यही राम कहानी है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Crime