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SIJI GOPAL

Tragedy

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SIJI GOPAL

Tragedy

अपने वजूद का गर्भपात

अपने वजूद का गर्भपात

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उसे पाने की कोशिश में

खुद को बाजार कर लिया


अपनी खुशियों की बाजी रखी

और खुद का ही व्यापार कर दिया


नीलाम कर दी अपनी जिंदगी

खुद का सौदा खुलेआम किया


उसे यादों को तिजोरी में संजोकर

खुद को कौड़ियों के दाम दे दिया


तराजू में अपनी मौत बिठाकर

उसके हर ख़्वाब को खरीद लिया


उसे अपनाने के जूनून में

आंसूओं से जुआ खेलना सीख लिया


उसे जीवन का कोंपल बनाकर

अपने वजूद का गर्भपात कर दिया



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