STORYMIRROR

Roli Abhilasha

Action Inspirational

4  

Roli Abhilasha

Action Inspirational

ऐसे चढ़ाओ प्रत्यंचा

ऐसे चढ़ाओ प्रत्यंचा

1 min
488

उतनी ही चढ़ाओ धनुष की प्रत्यंचा

जितना तीर आगे बढ़ाना हो,

सही रखो तीर को निकालकर

अगर शिकार तक ले जाना हो।

कमान में धरे रखकर क्या होगा

जब समय रहते उसका उपयोग न हो सके,

किसी को बस डराने से क्या हासिल

जब अस्त्र का प्रयोग ही न हो सके।


इंसान के हाथ का ये छोटा सा खिलौना है

डर के आगे हर कोई बौना है,

टोह लो शिकार की तब बल का प्रयोग करो

मात दो किवदंतियो को, किस बात का रोना है।

हो जुल्म के ख़िलाफ़ लड़ना कभी न डरो तुम,

भूल जाओ सब कुछ आगे बढ़ो तुम।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Action