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Anuradha Negi

Romance

4  

Anuradha Negi

Romance

ऐसा होता

ऐसा होता

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है कसम ,है कसम तुझको मेरे सनम,

साथ में होते जो तुमबीत जाता जनम 

हमको शिकवा न रहता,होता कुछ भी सितम...

साथ में होते जो तुम ..साथ में होते जो तुम।

हो...मेरी नजर मैं हो गुम पहली नजर सेेेे ही तुम 

भाता कोई भी नहीं मुझे अलावा बस तुम।

दूर जाकर ये तुमनेे किया क्या करम...

साथ रह जाते ना तुम , साथ रह जातेे ना तुम।

ओ तन्हा कटे ना येे दिन ,मेरे सनम तेरे बिन 

यूं तो बहुत हैं जहां में पर रात में तारे को गिन 

गिनते गिनते कहीं सांसेेंं जाए ना थम 

साथ रह जाते ना तुम , साथ जाते ना तुम ।

      

ओ सनम, ओ सनम ,काश होता अगर।


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