Saini Nileshkumar
Drama
ऐ खुदा
तुने भी क्या खूब बनाया
कुछ जखम पायब
किये तो कुछ खुरदे
इंसान भी बनाया
और उसे चलाने के लिए
पैसे भी,
कहीं मजबूरियाँ दी
तो कही लालचे
कही बड़ा सा महल
तो कहीं छत ही नहीं।
ऐ ख़ुदा
तुने भी क्या खूब बनाया !
रिश्ते
स्वार्थ
इश्क़ मे ना ते...
ए ज़िन्दगी यूँ...
रख के हिम्मत
अजनबी सी सुबह
मन पापी
काया
दौर ए ज़िन्दगी
मन
कायनात के नक्शे दिखाएगी बाँध लो प्रेम को काले धागे सा अपनी कलाई अपने आत्मा पर कायनात के नक्शे दिखाएगी बाँध लो प्रेम को काले धागे सा अपनी कलाई अपने आ...
मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा मेरा तो मां ही मंदिर, मां ही मेरी पूजा संतान हेतु, मां शब्द फ़लक से ऊंचा
भूकंप द्वारा भूमि का क्रोध सबको प्रकट हो जाता है। भूकंप द्वारा भूमि का क्रोध सबको प्रकट हो जाता है।
मनुष्य स्वच्छ और पवित्र देह लेकर इस धरती पर आया है। मनुष्य स्वच्छ और पवित्र देह लेकर इस धरती पर आया है।
जिन्होंने बात न की कभी जातिवाद की वो कूका था, आदिवासी समुदाय का जी जिन्होंने बात न की कभी जातिवाद की वो कूका था, आदिवासी समुदाय का जी
जो पत्नी माने है, बराबर साझीदार वो गाड़ी पहुंचती है, नित स्वर्गद्वार जो पत्नी माने है, बराबर साझीदार वो गाड़ी पहुंचती है, नित स्वर्गद्वार
धर्म के नाम पर दंगे भड़काकर दया-करुणा का देते ज्ञान धर्म के नाम पर दंगे भड़काकर दया-करुणा का देते ज्ञान
तेरी बांहों का मेरे लिए खुलना और बंद होना बहुत खूबसूरत और बहुत खास है मेरे लिए तेरी बांहों का मेरे लिए खुलना और बंद होना बहुत खूबसूरत और बहुत खास है मेरे लि...
जो सत्य पर चले, लोग उसे पगला कहते लाला सत्य फूलों की नही, झूठे फूलों की पसंद माला जो सत्य पर चले, लोग उसे पगला कहते लाला सत्य फूलों की नही, झूठे फूलों की पसंद ...
सत्य रो रहा है, अकेला आज पर उसके आंसू भी देंगे घात सत्य रो रहा है, अकेला आज पर उसके आंसू भी देंगे घात
आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है ! आदर्श संस्कार अपनी अमीरता है देश की संस्कृति को बचाना है !
हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...! हारा नहीं, जो जगा हूँ आज...!
दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां... दुख हो सुख हो सब माता पिता के साथ अच्छे लगते हैं मां...
छोड़ बुराई की जंजीरें कैसे खुद को बचाएं, अपने मन के अंधकार को कैसे अब मिटाएं! छोड़ बुराई की जंजीरें कैसे खुद को बचाएं, अपने मन के अंधकार को कैसे अब मिटाएं...
जो तुम्हारा मिल के रहेगा, नियत न लेने दूसरों की चीज कभी करो जो तुम्हारा मिल के रहेगा, नियत न लेने दूसरों की चीज कभी करो
योजनाओं के रजिस्ट्रेशन हेतु, खड़े हुए है, वीर योजनाओं के रजिस्ट्रेशन हेतु, खड़े हुए है, वीर
जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ? जीवन को जीते रहने का ये, हुनर कहाँ से लाती हो तुम ?
मनुष्य की नशे की लत में बुद्धि हो जाती है भ्रष्ट। मनुष्य की नशे की लत में बुद्धि हो जाती है भ्रष्ट।
ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में। ना जाने कितने लोगों की जानें गईं हैं इन दो साल में।